Home Breaking News उद्धव बोले- पीएम विदेशी मेहमानों को घुमाने के लिए गुजरात ही क्यों ले जाते हैं? कश्मीर-बंगाल क्यों नहीं जाते?

उद्धव बोले- पीएम विदेशी मेहमानों को घुमाने के लिए गुजरात ही क्यों ले जाते हैं? कश्मीर-बंगाल क्यों नहीं जाते?

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नई दिल्लीः  साल 2019 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शिवसेना बीजेपी से अलग होकर चुनाव मैदान में जाएगी. केंद्र की राजनीति में 1990 के बाद ऐसा पहली बार होगा. हालांकि राज्य के चुनावों में दोनों पार्टियां 2014 में अलग-अलग ही चुनाव लड़े थे. शिवसेना ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया. इस दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी पर जमकर हमला किया. उद्धव ठाकरे ने गुजरात चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन और विदेशी मेहमानों को पीएम द्वारा गुजरात भ्रमण के लिए ले जाने पर निशाना साधा. अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के हिंदुत्व को बीजेपी के हिंदुत्व से अलग बताया. ठाकरे ने पीएम मोदी को श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराने का सुझाव भी दिया.

56 इंच की छाती पर कसा तंज 
ठाकरे ने कहा कि 56इंच की छाती होने से कुछ नहीं होता, छाती कितनी बड़ी है ये सवाल नहीं है उसमें दम और शौर्य कितना है ये महत्वपूर्ण है. ठाकरे ने बीजेपी के हिंदुत्व और अपने हिंदुत्व में अंतर बताया. उन्होंने कहा कि उनके हिंदुत्व और हमारे हिंदुतव ने अंतर है. बड़ी बड़ी बातें करने कुछ नहीं होता.

विदेशी मेहमानों को घुमाने पर भी उठाए सवाल
पीएम हर बार विदेश से आए प्रधानमंत्री को अहमदाबाद ले जाते है घुमाने क्या बाक़ी राज्य नहीं है. वहां क्यों नहीं जाते? ठाकरे ने कहा कि पीएम विदेशी मेहमानों के साथ कश्मीर पश्चिम बंगाल क्यों नहीं जाते. उन्हें लाल चौक क्यों नहीं ले जाते घुमाने. जाइए वहां घुमायिए और तिरंगा भी फहराइए. अहमदाबाद में विदेशी प्रधानमंत्री को ले जाकर पतंग उड़ा रहे है, ये श्रीनगर के लाल चौक पर क्यों नहीं करते. वहां पतंग उड़ाइए.

अच्छे दिन के नारे का उड़ाया मजाक
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पीएम मोदी हर चुनाव में कहते है अच्छे दिन आ आनेवाले है क्या आए अभी तक? उन्होंने कहा कि सत्ता की हवा भर गई है इनके दिमाग में. गुजरात चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए शिवसेना प्रमुख ने कहा कि गुजरात में आपने देखा क्या हुआ, बीजेपी नीचे आई कांग्रेस ऊपर गयी है. बीजेपी के नीचे आने से या ऊपर जाने से ख़ुशी नहीं है. लेकिन अगर वहां कोई जनता कोई तीसरी क्षेत्रीय पार्टी होती उसको वोट करते.

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