Home Breaking News *सुविचार:-जिसकी बुद्धि,विवेक,लोभ,मोह,ईर्ष्या, मन एवं अहंकार के नयन शुद्ध एवं पवित्र हो जाये उसे हीं संसार सुन्दर दीखता क्योंकि उसके नयन सुखद और सुन्दर होते हैं । शिक्षा:-सुनयना बनो,सब सुंदर ही दिखेगा । जय माँ,संकर्षण शरण (गुरु जी)*

*सुविचार:-जिसकी बुद्धि,विवेक,लोभ,मोह,ईर्ष्या, मन एवं अहंकार के नयन शुद्ध एवं पवित्र हो जाये उसे हीं संसार सुन्दर दीखता क्योंकि उसके नयन सुखद और सुन्दर होते हैं । शिक्षा:-सुनयना बनो,सब सुंदर ही दिखेगा । जय माँ,संकर्षण शरण (गुरु जी)*

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