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*सुविचार:-आप वस्तु भेंट करके,मन की बात कह के या कर के,हाँ में हाँ मिलाकर किसी-किसी को खुश कर सकते हैं,किन्तु अपने आचरण, व्यवहार और सेवा भाव से सबको संतुष्ट कर सकते हैं । शिक्षा:-खुश नही संतुष्ट करने का प्रयास करो आचरण द्वारा । जय माँ,संकर्षण शरण (गुरु जी)*

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