Home Breaking News दिल्ली के मंडावली में गरीबी के चलते 3 मासूमों ने दम तोड़ा, 8 दिनों से भूखी थीं बच्चियां

दिल्ली के मंडावली में गरीबी के चलते 3 मासूमों ने दम तोड़ा, 8 दिनों से भूखी थीं बच्चियां

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आपने देश के दूर दराज के पिछड़े हुए इलाकों में भूख और कुपोषण से हुई मौतों के बारे में जरूर सुना होगा लेकिन अब देश की राजधानी दिल्ली के मंडावली इलाके में 8 साल की शिखा, 4 साल की मानसी और 2 साल की पारुल की मौत भूख और कुपोषण से हो गई. मंगलवार शाम इन तीनों बहनों की बेहद संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई. इन तीनों को 24 जुलाई की शाम को बेहोशी की हालात में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल लाया गया जहां इनकी मौत हो गई. दिल्ली सरकार ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच बैठा दी है.

मृतक बच्चियों के परिजनों का कहना है कि दोनों छोटी बहनों की तबीयत खराब थी और उन्हें उल्टी और दस्त लगे हुए थे. दरअसल, बच्चों का पिता मंगल रिक्शा चलाता है, लेकिन कुछ दिन पहले उसका रिक्शा किसी ने छीन लिया था तब से मंगल के पास कोई काम नहीं था. पैसा नही होने की वजह से मकान मालिक ने मंगल और उसके परिवार को घर से निकाल दिया था.

तीन दिन पहले ही वह अपने परिवार के साथ अपने दोस्त नारायण के घर पर रहने आ गया था. और काम की तलाश में मंगलवार की सुबह घर से निकल गया, जो अभीतक नहीं लौटा. बच्चियों की देखभाल उनकी मां मीना करती थी लेकिन मीना मानसिक रूप से कमज़ोर है. उसे अभी तक समझ नहीं आ रहा कि आखिर उसकी तीनों बच्चियों की मौत कैसे हो गई.

ईस्ट दिल्ली के डीसीपी पंकज कुमार सिंह ने ज़ी न्यूज़ को बताया कि मंगलवार को 1 बजे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से सूचना मिली कि एक महिला तीन बच्चियों को लेकर आई है जिनको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. शुरूआती जांच में डॉक्टरों की कोई लापरवाही सामने नहीं आई.

मंगल के दोस्त नारायण ने बताया कि दोनों बच्चियों को दस्त और उल्टियां हो रही थीं. लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान बच्चो के पेट खाली थे. लगता है आठ दिन से बच्चों ने कुछ नहीं खाया था.

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