Home Breaking News 32 साल तक भाजपा की सेवा करने वालीं अटल की भतीजी ऐसे बनी कांग्रेस की ‘करुणा’

32 साल तक भाजपा की सेवा करने वालीं अटल की भतीजी ऐसे बनी कांग्रेस की ‘करुणा’

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छत्तीसगढ़ की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जाने वाली राजनांदगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ करुणा शुक्ला मैदान में होंगी. करुणा शुक्ला की पहचान सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी ही नहीं बल्कि 32 साल तक भाजपा में सेवा देने के रूप में भी है.

करुणा शुक्ला का जन्म 1 अगस्त 1950 को अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार में हुआ था. 32 साल भाजपा में रहने के बाद उन्होंने साल 2014 में अचानक कांग्रेस का दामन थाम लिया था. बताया जाता है साल 2014 के आम चुनाव में ​भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज करुणा शुक्ला ने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस का हाथ थाम लिया. यहीं से अटल की भतीजी कांग्रेस की ‘करुणा’ बन गईं. करुणा को कांग्रेस में लाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की अहम भूमिका बताई जाती है. भोपाल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद करुणा शुक्ला ने राजनीति में कदम रखा था.

करुणा शुक्ला मध्यप्रदेश विधानसभा में रहते हुए बेस्ट एमएलए का खिताब भी मिला था. 1982 से 2014 तक भाजपा में रहीं. करुणा 1993 में पहली बार विधानसभा सदस्य चुनी गईं. 2004 के लोकसभा के चुनावों में करुणा ने भाजपा के लिए जांजगीर सीट जीती थी, लेकिन 2009 के चुनावों में करुणा कोरबा सीट से कांग्रेस के चरणदास महंत से हार गईं थीं. पूरे छत्तीसगढ़ में करुणा ही भाजपा की एकमात्र प्रत्याशी थीं जो चुनाव हारी थीं. बाकी के राज्य की सभी सीटें भाजपा के खाते में गई थीं. भाजपा में रहते हुए करुणा कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं, जिनमें भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद भी है.

32 सालों तक भाजपा में रहीं करुणा शुक्ला अचानक चर्चा में तब आईं जब उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया. चर्चा की सबसे बड़ी वजह ये है कि करुणा शुक्ला भाजपा के आधारपुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं. कांग्रेस ने करुणा को छत्तीसगढ़ की बिलासपुर सीट से कांग्रस ने लोकसभा का प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे 1 लाख 76 से अधिक वोटों से भाजपा प्रत्याशी से हार गईं.

इसी साल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों पर करुणा शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि वर्तमान भाजपा नेतृत्व अटल जी के निधन को इवेंट में बदल रही है. उन्होंने कहा था कि पिछले 7-8 सालों में भाजपा में गिरावट आई है. इसके बाद पिछले सप्ताह करुणा चर्चा में तब आईं जब वे रायपुर में भाजपा कार्यालय पहुंच गईं और वहां अटल जी की अस्थियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए, उसकी मांग करने लगीं.

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