Home Breaking News जि‍स निरंकारी सत्‍संग पर हुआ हमला, उसकी शुरुआत 1929 में पाकिस्‍तान से हुई

जि‍स निरंकारी सत्‍संग पर हुआ हमला, उसकी शुरुआत 1929 में पाकिस्‍तान से हुई

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पंजाब के अमृतसर में रविवार को निरंकारी समागम पर पगड़ीधारी दो युवकों ने हथगोला फेंका जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. साथ ही करीब 10 अन्य घायल हुए. दरअसल, निरंकारी एक आध्यात्मिक विचारधारा है. निरंकारी विचारधारा को इसके पहले गुरु बाबा बूटा सिंह शुरू किया था. इसकी शुरुआत 1929 में पंजाब के उत्तर-पश्चिम में बसे पेशावर में की गई थी. 1947 में हुए देश के बंटवारे के बाद यह जगह पाकिस्तान में चली गई थी. इसके बाद 1948 में निरंकारी समुदाय का दिल्ली में मुख्यालय बनाकर इसकी भारत में नींव रखी गई थी.

निरंकारी विचारधारा/आंदोलन से जुड़ी मुख्य बातें:

  1. निरंकारी विचारधारा के अब तक हुए गुरु- संत बाबा बूटा सिंह, अवतार सिंह, बाबा गुरबचन सिंह, बाबा हरदेव सिंह, माता सविंदर हरदेव और माता सुदीक्षा हैं. फिलहाल निरंकारी मिशन की प्रमुख बाबा हरदेव सिंह की छोटी बेटी माता सुदीक्षा हैं.
  2. इससे पहले भी निरंकारी आंदोलन के प्रमुख संत बाबा गुरबचन सिंह पर 1980 में हुआ था. गुरबचन सिंह की उस वक्त कार्बाइन से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी. उस समय वह सत्संग के बाद अपनी कार में बैठने जा रहे थे.
  3. ऐसा ही एक हमला 1978 में भी किया गया था. यह हमला अमृतसर में निरंकारी भवन पर हमला किया गया था.
  4. निरंकारी मिशन के चौथे गुरु बाबा हरदेव सिंह की 13 मई 2016 को कनाडा में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी.
  5. निरंकारी खुद को एक आध्यात्मिक आंदोलन की तरह देखते हैं. वे खुद को न किसी धर्म का हिस्सा मानते हैं और न ही किसी धर्म से जुड़ा हुआ मानते हैं. इस मिशन से जुड़े लोगों का कहना है कि इसकी शुरुआत ही एक आंदोलन के तौर पर हुई थी.
  6. सिख धर्म में गुरुग्रंथ साहिब को सर्वोच्च गुरु मानकर उसकी पूजा की जाती है. वहीं, निरंकारी आंदोलन की शुरुआत जीवित गुरु को सर्वोच्च स्थान दिलाने के लिए की गई थी.
  7. ​निरंकारी मिशन मानव कल्याण से जुड़े सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय भूमिका निभाता है. इस मिशन से जुड़े लोगों का कहना है कि देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी मिशन द्वारा रक्तदान, सामूहिक विवाह और शिक्षा के क्षेत्र के लिए बढ़-चढ़कर कार्य किया जाता है. दावे के अनुसार, मिशन अब तक चार हजार से ज्यादा रक्तदान के शिविरों का आयोजन कर चुका है.

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