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बालोद : विधानसभा निर्वाचन 2018: अभ्यर्थी को व्यय लेखा रखना अनिवार्य

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कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती किरण कौषल ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व 1951 के धारा 77(1) के अनुसार विधानसभा निर्वाचन 2018 के प्रत्येक अभ्यर्थी को व्यय लेखा रखना अनिवार्य है। जिसे प्रतिदिन के व्यय को व्यय लेखा संधारित करेंगे। धारा 77(2) के अनुसार लेखा सही एवं निर्धारित प्रपत्र में होनी चाहिए। धारा(3) के अनुसार निर्वाचन व्यय, व्यय सीमा से अधिक नहीं होनी है। अधिक व्यय होना भ्रष्ट आचरण के श्रेणी में आता है। लेखे के अनुरक्षण में असफलता पर भारतीय दण्ड सहिता के धारा 171 (छ) के अधीन अपराध है। अभ्यर्थी को नामंाकन दाखिल से परिणाम की घोषणा होने तक हुए व्यय को लेखा में अंकित किया जाना है। परिणाम घोषणा के 30 दिन के अंदर अभ्यर्थी को जिला निर्वाचन अधिकारी के पास व्यय लेखा की मूल प्रति के साथ प्रस्तुत किया जाना होगा। अभ्यर्थी द्वारा इस प्रकार के व्यय हेतु पृथक से बैंक खाता खोला जाएगा एवं व्यय हेतु प्राप्त राषि एवं व्यय लेखित करेेगा। बैंक खाता में अंकित राषि के विरूद्ध ही व्यय करेगा। विधानसभा हेतु व्यय कुल व्यय रूपए 28 लाख की सीमा निर्धारित है।
नगदी निकासी का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाएगा। प्रतिदिन बैंक द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी को जानकारी देना होगा। प्रत्येक अभ्यर्थी का पृथक बैंक पास बुक अभ्यर्थी द्वारा नाम निर्देषन दाखिल करने के कम से कम एक दिन पहले खोला जाना है जिसकी सूचना अभ्यर्थी द्वारा रिटर्निंग आफिसर को लिखित में देगा। अभ्यर्थी द्वारा निर्धारित रजिस्टर में लेखों का दैनिक संधारण करेगा। यदि कोई अभ्यर्थी द्वारा कोई व्यय दैनिक रजिस्टर में छिपाया जाना पाया गया तो उन्हें ऐसा करने के लिए उन्हें पक्ष रखने हेतु 48 घ्ंाटो के अंदर जवाब दिया जाना है। नोटिस में उल्लेखित साक्ष्य तथा उस अभ्यर्थी के जवाब की जॉच करने के पष्चात डीईएससी अभ्यर्थी से जवाब प्राप्त करने के 72 घंटो के अंदर अधिमानतः इस संबंध मे निर्णय लेगी कि क्या ऐसे छिपाए गए व्यय को अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय लेखे में जोड़ा जाएगा या नहीं। जनसभा एवं रैलियों के लिए अभ्यर्थियों को पूर्वानुमति लेनी होगी। इस हेतु आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तावित व्यय का विवरण प्रस्तुत करना होगा। नामंाकन दाखिल प्रस्तुत करने के समय रैली या जुलुस तथा निर्वाचन परिणाम के पष्चात के रैली या जुलुस का व्यय भी अभ्यर्थी के व्यय लेखा में षामिल होगा। प्रचार हेतु रैली या जनसभा में निजी वाहनों पर झण्डा या बैनर लगाकर किसी अभ्यर्थी के लाभ के लिए उनका प्रयोग करना, अभ्यर्थी के व्यय में जोड़ा जाएगा। वाणिज्यिक पंजीकरण संख्या वाले वाहनों का प्रयोग पाए जाने पर यह व्यय अभ्यर्थी के लेखा में षामिल होगा। स्टार प्रचार के साथ जनसभा में मंच बंाटने पर जनसभा का समस्त व्यय अभ्यर्थी के निर्वाचक व्यय में षामिल होगा। प्रत्येक अभ्यर्थी निर्वाचन अवधि में प्रयोग में लाने वाले समस्त वाहनो की जानकारी रिटर्निंग अधिकारी को देगा। जिसके लिए संबंधित अधिकारी आवष्यक परमिट जारी करेगा। इस परमिट वाहन के आगे वाले स्क्रीन पर प्रदर्षित किया जाना अनिवार्य है।
अभ्यर्थी द्वारा दैनिक निर्वाचन व्यय के अनुवीक्षण के लिए व्यय प्रेक्षक, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए सहायक व्यय प्रेक्षक, उड़नदस्ता दल, स्थैतिक निगरानी दल, वीडियो निगरानी दल, वीडियो अवलोकन दल एवं लेखा टीम गठित की गई है। सभी दल निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण सेल के अंतर्गत कार्य करेंगे तथा अवैध ष्षराब, धन, हथियार आदि के धरपकड़ हेतु निर्धारित चेकपोस्ट पर 24 घण्टे तैनात कर दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के द्वारा उड़नदस्ता दल एवं स्थैतिक निगरानी दल को विषेष कार्यपालिक दण्डाधिकारी नियुक्त कर ‘‘विषेष कार्यपालिक षक्ति‘‘ प्रदान कर दिया गया है। जिले में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक सहायक व्यय प्रेक्षक बनाया गया है। इनके सहयोग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को लेखा टीम व वीडियो अवलोकन टीम का प्रभारी बनाया गया है। निर्वाचन क्षेत्रों में संवेदनषील घटनाओं में एवं सार्वजनिक रैलियों की वीडियोग्राफी करने हेतु जिले में छह वीडियो निगरानी दल का गठन किया गया है।
जिले के तीनो विधानसभा क्षेत्रों में अवैध नगदी का आदान-प्रदान, षराब का वितरण, अन्य कोई संदेहास्पद वस्तुओं का पता लगाने हेतु नौ उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है जो नियमित रूप से छापामार कार्यवाही कर रहे हैं। इनके प्रभारी को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का दर्जा प्रदान किया गया है। इनके द्वारा पचास हजार रूपए से अधिक की नगदी, दस हजार रूपए मूल्य से अधिक की ऐसी उपहार वस्तुएॅ जिनका इस्तेमाल मतदाताओं को प्रलोभन दिए जाने की संभावना हो या अन्य गैरकानूनी वस्तुएॅ पाई जाती है तो वे जब्त किए जाएंगे। जॉच की समस्त प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। पाम्पलेट, पोस्टर जिसमें प्रकाषक व मुद्रक का नाम व पता का उल्लेख नहीं होने पर जब्त कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी साथ ही मुद्रक व प्रकाषकों पर भी निगरानी रखी जाएगी। दस लाख रूपए से अधिक नगदी प्राप्त होने पर जब्ती कर आयकर विभाग को सूपर्द कर दिया जाएगा। उड़नदस्ता द्वारा रेल्वे स्टेषन, हेलीपेड, एम्बुलेंस पर भी विषेष निगरानी की जाएगी।

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