Home Breaking News रोज प्रैक्टिस करने 80 Km जाती थीं, आज हैं सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज

रोज प्रैक्टिस करने 80 Km जाती थीं, आज हैं सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज

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 महिला टीम इंडिया की अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी रविवार को अपना 36वां जन्मदिन मना रही हैं. महिला क्रिकेट के सभी अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में  300 विकेट लेने वाली झूलन ने हाल ही में टी20 क्रिकेट से संन्यास लिया था. झूलन के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जो महिला क्रिकेट में बेमिसाल हैं. गेंदबाजी के लिहाज से झूलन को महिला टीम इंडिया की कपिलदेव माना जाता है.

झूलन का यह रिकॉर्ड इस लिहाज से भी खास है कि उनके इस रिकॉर्ड के आसपास कोई भी दूसरी खिलाड़ी नहीं है. झूलन के बाद ऑस्ट्रेलिया की कैथरिन फिट्जपैट्रिक हैं जिन्होंने टेस्ट और वनडे में कुल 240 विकेट लिए हैं. झूलन की यह उपलब्धि बेमिसाल मानी जा रही है. वे वनडे में 205, टी20 56 और टेस्ट मैचों में 40 विकेट ले चुकी हैं.

यह शानदार रिकॉर्ड है झूलन का
35 साल की झूलन ने 68 टी-20 मैचों में 56 विकेट हासिल किए हैं, जिनमें 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट भी शामिल हैं. उन्होंने 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 में पदार्पण किया था और इस वर्ष जून में बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी-20 मैच खेला था. वनडे क्रिकेट में अब तक सर्वाधिक विकेट ले चुकीं झूलन ने 171 मैचों में 207 विकेट हासिल किए हैं. इसके अलावा उन्होंने 10 टेस्ट मैचों में 40 विकेट चटकाए हैं. बता दें कि झूलन टी-20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से सर्वाधिक (56) विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखती हैं. वनडे में सर्वाधिक विकेट (207) का वर्ल्ड रिकॉर्ड झूलन ने ही बनाया है.

Jhulan Goswami

पद्मश्री से सम्मानित हैं झूलन गोस्वामी
35 साल की झूलन अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट में अब तक सबसे ज्यादा विकेट ले चुकी हैं. उनके नाम अब 171 मैचों में 207 विकेट दर्ज हैं. उन्होंने यह उपलब्धि इस वर्ष फरवरी में हासिल की थी. झूलन को पिछले साल वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का सम्मान मिला था. 25 नवंबर 1982  को झूलन का जन्म कोलकाता में हुआ. उन्होंने अपना पहला वनडे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में खेला था.

झूलन गोस्वामी 2007 में आईसीसी क्रिकेटर ‘ऑफ द ईयर’ चुनी गई थीं. 2007 में आईसीसी वुमंस क्रिकेटर ‘ऑफ द ईयर’ चुने जाने के बाद उन्हें टीम का कप्तान बना दिया गया. 2010 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार और 2012 में पद्मश्री से नवाजा गया.

15 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया
झूलन पश्चिम बंगाल के नाडिया जिले के एक छोटे से गांव में पैदा हुईं. वह एक फुटबॉल फैन के रूप में बड़ी होने लगीं. लेकिन संयोग से 1997 का महिला वर्ल्ड कप फाइनल झूलन के होम ग्राउंड ईडन गार्डन, कोलकाता में खेला जाना था. यह मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच था. यहां झूलन ने बॉल गर्ल के रूप में काम किया. इस मैच में बेलिंडा क्लार्क, डेबी हॉकी और कैथरीन फिट्जपैट्रिक जैसी बड़ी खिलाड़ियों को देखकर उन्होंने तय किया कि वह क्रिकेट में ही अपना करियर बनाएंगी.

क्रिकेटर बनने का सपना नहीं छोड़ा
झूलन सुबह 4.30 पर उठतीं और लोकल ट्रेन से प्रेक्टिस सेशन में पहुंचतीं. वह कोलकाता से 80 किलोमीटर दूर रहती थीं. कई बार ट्रेन मिस हो जाने के कारण वह प्रेक्टिस सेशन में नहीं पहुंच पाती थीं. लेकिन क्रिकेटर बनने का सपना उन्होंने कभी नहीं छोड़ा. कभी निराश नहीं हुईं. झूलन के माता-पिता चाहते थे कि वह क्रिकेट से ज्यादा पढ़ाई पर अपना ध्यान लगाएं.

कोजी के नाम से हैं फेमस
झूलन को प्यार से कोजी के नाम से जाना जाता है. झूलन का सपना था कि 2017 का महिला वर्ल्ड कप जीतें, लेकिन उनकी टीम फाइनल में इंग्लैंड से हार गई. झूलन के बारे में एक बार उनके एक संबंधी ने कहा था कि झूलन तुम एक अच्छी किक्रेटर हो लेकिन उससे भी अच्छी आप एक इंसान हो. यह उन्हें मिला अब तक का सबसे अच्छा कॉम्प्लीमेंट था.

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