Home Breaking News Boxing: महिला वर्ल्ड चैम्पियनशिप शुरू, आठ भारतीय खिलाड़ी बाई मिलने के बाद दुसरे राउंड में

Boxing: महिला वर्ल्ड चैम्पियनशिप शुरू, आठ भारतीय खिलाड़ी बाई मिलने के बाद दुसरे राउंड में

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पांच बार की वर्ल्ड चैम्पियन एमसी मैरीकॉम समेत सात भारतीय मुक्केबाजों को केडी जाधव हॉल में शुरू हो रही, 10वीं आईबा महिला वर्ल्ड मुक्केबाजी चैम्पियनशिपके लिए पहले राउंड में बाई मिला है. इस चैम्पियनशिप में टॉप सीडिंग हासिल करने वाली मैरीकॉम एकमात्र भारतीय हैं. 48 किग्रा कैटेगरी में नम्बर-2 भारतीय मैरीकॉम को रविवार तक रिंग में उतरने की जरूरत नहीं होगी. उनका सामना कजाकिस्तान की अल्ग्रीम कासेनायेवा और अमेरिका की जाजेल बोबाडिला के बीच होने वाली प्रीलिम राउंड के मुकाबले के विजेता से होगा. मंगोलिया की मुक्केबाज जागार्लान ओचिराबात को 48 किग्रा वर्ग में टाप सीडिंग पोजीशन मिली है.

मैरीकॉम छठे वर्ल्ड खिताब के लिए प्रयासरत हैं. भारत की ओर से उन्हें गोल्ड मेडल का पक्का दावेदार माना जा रहा है. मैरीकॉम को ड्रॉ के सेकेंड हाफ में रखा गया है. अपने गोल्ड तक के सफर में मैरीकॉम को दो मुश्किल खिलाड़ियों-उजबेकिस्तान की जुलासाल सुल्तोनालेविया और उत्तर कोरिया की किम ह्यांग ह्यांग मी से सामना करना होगा. मी को भी पहले राउंड में बाई मिला है. ऐसे में सेमीफाइनल में मैरीकॉम का सामना मी से ही हो सकता है. मी ने एबीसी कन्फेडरेशन में रजत मेडल जीता है.

भारत की ओर से रानी पिंकी (51 किग्रा), सोनिया (57 किग्रा), सरिता देवी (60 किग्रा), लवलीना बोगोर्हेन (69 किग्रा), स्वीटी (75 किग्रा) और सीमा पूनिया (81 प्लस किग्रा) को पहले राउंड में बाई मिला है. लेकिन मनीषा (54 किग्रा), सिमरनजीत कौर (64 किग्रा) और भाग्यवती काचारी (81 किग्रा) को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए दो राउंड तक भिड़ंत करनी होगी. इनके मुकाबले मंगलवार से होंगे.

पांच बार की एशियाई चैम्पियन सरिता देवी से मेडल की है उम्मीद 
भारत को पूर्व वर्ल्ड चैम्पियन और पांच बार की एशियाई चैम्पियन सरिता देवी से भी मेडल की उम्मीद है. 2006 में हुए विश्व चैम्पियनशिप के 52 किग्रा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था और दो कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं. वह एशियाई चैम्पियनशिप में पांच स्वर्ण और एक रजत जीत चुकी हैं. लाइटवेट कटेगरी में लड़ने वाली सरिता देश की दूसरी सबसे अच्छी मुक्केबाज हैं. हालांकि चौथी सीड सरिता को मेडल तक के अपने सफर में मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन चीन की यांग वेनलू और रियो ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली रूस की अनास्तासिया बेलियाकोवा के साथ दो-दो हाथ करना होगा.

हैवीवेट कैटेगरी में सीमा पूनिया से है मेडल की उम्मीद
हैवीवेट क्लास (81 प्लस किग्रा) में उतर रही सीमा पूनिया इस टूर्नामेंट में भारत की इकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं, जो बिना किसी परिश्रम के मेडल राउंड में उतरेंगी. पहले राउंड में बाई मिलने के कारण सीमा सीधे क्वार्टर फाइनल में कदम रखेंगी. क्वार्टर फाइनल में वह चीन की शिओल यांग के खिलाफ रिंग में होंगी. यह एकमात्र ऐसी कैटेगरी है, जिसमें 10 मुक्केबाज हैं. जिनमें से छह को बाई मिला है. सीमा को हालांकि चीन की खिलाड़ी से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि इस खिलाड़ी ने जेजु और अस्थाना में लगातार दो गोल्ड मेडल जीते हैं. ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य मेडल जीतने वाली भारत की पिंकी रानी को 51 किग्रा भारवर्ग में हालांकि मुश्किल का सामना करना पड़ेगा क्योंकि इस भारतीय खिलाड़ी को दूसरे हाफ में जगह मिली है. जहां एशियाई खेलों की गोल्ड मेडल विजेता चीन की चांग युआन और इंग्लैंड के प्रतिभावान मुक्केबाज इबोनी जोंस खिताब की प्रबल दावेदार हैं.

फेथरवेट कैटेगरी में भारत की सोनिया को दूसरे हाफ में रखा गया है. वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पदार्पण कर रहीं सोनिया को रियो ओलम्पिक की सिल्वर मेडल विजेता चीन की यिन जुनहुआ, जर्मनी की ओरनेल गेब्रिएल वाहनेर और सीडब्ल्यूजी रजत मेडल विजेता आयरलैंड की मिशेल वाल्श की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. वहीं भारत की लवलिना, स्वीटी और सीमा के लिए यह टूर्नामेंट आसान नहीं होगा, क्योंकि उनकी जो विपक्षी हैं वह वर्ल्ड ख्याति प्राप्त हैं. जेजू वर्ल्ड चैम्पिनयशिप-2014 में रजत मेडल जीतने वाली स्वीटी को रियो ओलम्पिक की रजत मेडल विजेता नीदरलैंड्स की मिरेली नाउचका फोंटजिन और अन्य यूरोपियन तथा एशियाई मुक्केबाजों से चुनौती मिलेगी. 21 साल की लवलिना को वर्ल्ड चैम्पियनशिप के पिछले संस्करण की रजत मेडल विजेता फिनलैंड की इलिना गुस्ताफसोन और चीनी ताइपे की चेन निएन चिन से पहले हाफ में कड़ी चुनौती मिलेगी.

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