Home Breaking News रमन कैबिनेट का फैसला: 1080 गांवों में रहने वाले राशनकार्ड धारकों को फ्री में मिलेगा चना

रमन कैबिनेट का फैसला: 1080 गांवों में रहने वाले राशनकार्ड धारकों को फ्री में मिलेगा चना

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राजधानी रायपुर में बुधवार को हुई रमन कैबिनेट की बैठक से कर्मचारियों को बड़ी मायूसी हाथ लगी है. अलग-अलग संगठनों की नाराजगी के बावजूद कैबिनेट में शिक्षाकर्मियों से लेकर अन्य कर्मचारी संगठन के किसी भी मांग को लेकर चर्चा नहीं की गयी है. वहीं पेट्रोल-डीजल के वैट कम करने को लेकर भी राहत की खबर कैबिनेट की तरफ से नहीं आयी.

अब छत्तीसगढ़ के 9 माडा क्षेत्रों के 1080 गांवों में निवासरत समस्त अंत्योदय और प्राथमिकता वाले राशनकार्ड धारकों को भी छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के तहत हर महीने प्रति राशन कार्ड 2 किलो देशी चना 5 रुपये प्रति किलो की दर से देने का फैसला रमन कैबिनेट ने लिया है. एक लाख 27 हजार 114 राशन कार्ड धारक परिवार को इसका लाभ मिलेगा. माडा क्षेत्र 10 हजार या उससे ज्यादा आबादी वाले एक से ज्यादा राजस्व गांव के ऐसे क्षेत्र को कहा जाता है जहां 50 प्रतिशत या उससे अधिक जनसंख्या आदिवासियों की होती है. छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में 9 माडा क्षेत्र हैं इनमें रायगढ़ क्षेत्र में 2 माडा क्षेत्र गोपालपुर और सारंगढ़ में 33 और 100 गांव शामिल है. राजनांदगांव के नचनिया माडा क्षेत्र में 77, बलौदाबाजार के माडा बलौदाबाजार में 147, जांजगीर चांपा के रुचगा माडा क्षेत्र में 46, कबीरधामा के माडा में 219 और महासमुंद-200 और महासमुंद-2- 215 तथा धमतरी के गंगरेल माडा क्षेत्र में 43 गांव शामिल है.

छत्तीसगढ़ के स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय शैक्षणिक आदर्श सेवा 2018 को प्रदेश में लागू करने का फैसला कैबिनेट ने लिया है. इसके अंतर्गत चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालय के लिए नियमित नियुक्ति का अधिकार स्वशासी समिति की कार्यकारिणी समिति को होंगे और पारदर्शी तरीके से नियुक्ति होगी. इसके वेतन भत्ते मुताबिक की व्यवस्था स्वयं के राजस्व से करने के लिए कॉलेज समर्थ रहेगा. यह भी प्रावधान किया गया है चयनित शिक्षक अपने अपने कालेज में ही कार्य करेंगे और अधीक्षक जैसे प्रशासनिक पदों पर भर्ती नहीं की जाएगी.

रमन कैबिनेट ने पशुधन विकास विभाग के अंतर्गत पंजीकृत गौशालाओं को भी सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप दिने का फैसला किया है. इससे पशुओं के लिए पेयजल एवं चारा उत्पादन के लिए सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी. इस योजना के तहत किसानों को उनके खेतों को उनके शासकीय योगदान पर सोलर सिंचाई पंप दिया जाएगा. प्रदेश में पहले 51 हजार सिंचाई पंप स्थापना का लक्ष्य था जिसे मार्च 2019 तक बढ़ाकर 56, 574 कर दिया गया है. चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में ये 490 करोड़ खर्च कर 19 हजार 494 सोलर सिंचाई पंप लगाए जाएंगे. कैबिनेट में गौशालाओं में चरणबद्ध तरीके से गौशालाओं में सिंचाई पंप लगाने का निर्णय लिया गया है

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