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निगम जोन में स्थित कॉलोनियों के विकास कार्य का नियमित रूप से हो जाँच

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भिलाई। नगर पालिक निगम के आयुक्त एस.के.सुन्दरानी के द्वारा सभी जोन 1, 2, 3, 4, 5 एवं 6 के आयुक्तों को निर्देशित करते हुए एक आदेश प्रसारित किया गया है कि, निगम क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में निगम में पंजीकृत कॉलोनाईजर/बिल्डर द्वारा विकास अनुज्ञा/भवन निर्माण अनुज्ञा प्राप्त कर विकास कार्यों को क्रियान्वयन करने की कार्यवाही की जा रही है। जोन क्षेत्र में स्थित कॉलोनी के विकास कार्यों का नियमित रुप से जांँच करें।
आयुक्त सुंदरानी ने कहा है कि, कॉलोनी का विकास नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग द्वारा अनुमोदित ले-आउट किया जाना अनिवार्य है उसमें किसी प्रकार का हेरफेर अनियमिततायें, कॉलोनाईजर द्वारा किये जाने पर तत्काल इसकी सूचना भवन शाखा में दिया जावे एवं अनियमित-अनाधिकृत विकास के विरुद्ध कार्यवाही की जावे। स्वीकृत ले-आउट में छोडे गये मार्ग, ओपन स्पेस, उद्यान, भूखण्ड की संख्या, आकार के परिप्रेक्ष्य में स्थल पर वास्तविक स्थिति की स्थल जाँंच करा लिया जावे। प्रत्येक भवनए फ्लेट/ब्लॉक, प्लिथ एरिया का नाप, सेट बैक्स माप लिया जावे एवं प्लिंथ लेवल तक ही निर्माण की जाँच करा लिया जावे। विचलन पाये जाने पर तत्काल कार्यवाही की जावे। प्रत्येक भवन/ब्लाक का निर्माण अनुमोदित ले-आउट में निर्धारित स्थल पर ही हो रहा है इसका फिल्ड सत्यापन किया जावे। कॉलोनाईजर द्वारा कराये जा रहे प्रत्येक विकास कार्य के आयटम, मार्ग, नाली, क्रासड्रेन, पुलिया, विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सिवरेज प्रणाली, दुषित जल उपचार प्रणाली, रैनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली, जल प्रदाय व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था, अपशिष्टों का पृथक्करण, कम्पोसिटंग पिट, आर्गेनिक अपशिष्ट प्रबंधन, फायर सुरक्षा व्यवस्था, सौर उर्जा/एलईडी उपकरणों द्वारा प्रकाश व्यवस्था कारणों का क्रियान्वयन स्पेशिफिकेशन/मानकों के तहत् कराया जाना है इसका भी निरीक्षण में स्वयं ध्यान रखें एवं गुणवत्ता युक्त कार्य करने कॉलोनाईजर को सचेत किया जावे।

सुंदरानी ने बताया कि, निगम के अन्य योजना से युटिलिटी सर्विसेस के संयोजन को दृष्टिगत रखते हुए विशेष रुप से बरसाती पानी निकासी, नाली, सिवरेज प्रणाली, जल प्रदाय व्यवस्था के नियोजन को स्थल निरीक्षण के समय ध्यान रखा जावे जिससे कालोनी निगम को हस्तान्तरण के समय निगम पर अतिरिक्त व्यवस्था व्यय का भार न पड़े। कॉलोनी में छोड़े गये ईडब्ल्यूएस भूमि को सुरक्षित रखने की कार्यवाही फेसिंग आदि जोन स्तर से समय पर करा लिया जावे।
सुंदरानी ने जोन आयुक्तों को निर्देशित किया कि कालोनी में यदि स्वीकृत अनुज्ञा के अतिरिक्त कॉलोनाईजर द्वारा अवैधानिक निर्माण कराया जा रहा है। तो तत्काल इस प्रकार के अवैधानिक निर्माण के विरुद्ध छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 के तहत् नोटिस जारी कराकर कार्य बंद करा दिया जावे साथ ही इसकी सूचना भवन अनुज्ञा शाखा में भी दिया जावे। कालोनी का निरीक्षण प्रत्येक माह में दो बार किया जाना सुनिश्चित करावें इसी प्रकार वार्ड क्षेत्र में कराये जा रहे अन्य भवन निर्माण कार्य का प्लिंथ लेवल रिपोर्ट प्राप्त कर निम्नानुसार कार्यवाही कर अवगत करावें।

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