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GST के बाद पहला बजट, सुबह 11 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली देंगे उम्मीदों की सौगात

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नई दिल्ली: आज वित्त मंत्री अरुण जेटली देश का आम बजट पेश करेंगे. वित्त मंत्री के सामने देश के सर्विस क्लास, युवा, किसान और इंडस्ट्री की उम्मीदों को पूरा करने की सबसे बड़ी चुनौती होगी. हालांकि, बजट की तैयारी पूरी है और 11 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करेंगे. लेकिन, उससे ठीक पहले वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की बड़ी बैठक होगी. उसके बाद बजट की बिंदुओं पर कैबिनेट में चर्चा होगी. फिर संसद में बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री रवाना होंगे.

संतुलन वाला होगा बजट
मोदी सरकार के इस आखिरी पूर्णकालिक बजट में वित्त मंत्री लोकलुभावन योजनाओं का ऐलान कर सकते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है कि 2019 के आम चुनावों पर ध्यान में रखते हुए जनता को खुश करना चाहेंगे. वहीं, इकोनॉमी को ट्रैक पर रखने के लिए भी संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली जब 11 बजे बजट भाषण शुरू करेंगे तो सबकी नजर इस बात पर होगी कि वह कैसे उम्मीदों और चुनौतियों के बीच संतुलन बिठा पाते हैं.

 

GST लागू होने के बाद पहला बजट
देश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद यह पहला बजट है. एक्सपर्ट्स की मानें तो बजट में मोदी सरकार विश्वसनीयता पर ज्यादा जोर देगी. क्योंकि, सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है. हालांकि, सरकार को लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर चलना होगा.

 

आयकर छूट सीमा बढ़ने की उम्मीद!
बजट से जो सबसे बड़ी उम्मीदें हैं उसमें सबसे चुनौतीपूर्ण होगा आयकर छूट सीमा बढ़ाने पर फैसला. इसी के तहत अरुण जेटली अगले वित्त वर्ष में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर तीन लाख कर सकते हैं. वर्तमान में इनकम टैक्स में छूट की सीमा ढाई लाख रुपए है. बजट में महिलाओं को इनकम टैक्स में अतिरिक्त छूट दी जा सकती है. साथ ही युवाओं, महिलाओं, गांव, नौकरीपेशा लोगों, किसान, हेल्थ और शिक्षा पर विशेष जोर दे सकते हैं.

28 हजार करोड़ का अतिरिक्त बोझ
मौजूदा टैक्स छूट लिमिट को बढ़ाकर 3 लाख करने पर सरकारी खजाने पर 28 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. एक्सपर्ट्स की मानें तो सरकार को टैक्स छूट देते समय वित्तीय घाटे यानी आमदनी और खर्चे के बीच अंतर का भी ध्यान रखना होगा. टैक्स छूट ज्यादा दी तो वित्तीय घाटे को जीडीपी का 3% रखने का लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल होगा.

क्या रोजगार के लिए खास होगा बजट?
वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट में रोजगार पर जोर दे सकते हैं. क्योंकि, पिछले कुछ समय से रोजगार को लेकर सरकार की किरकिरी हुई है. हर तरफ से रोजगार को सवाल उठ रहे हैं. विपक्ष भी रोजगार को लेकर सरकार को घेर रही है. ऐसे में वित्त मंत्री कंपनियों को टैक्स में छूट देने का ऐलान कर सकते हैं. सरकार यह ऐलान कर सकती है कि जो कंपनी, जितना ज्यादा रोजगार देगी, उसे उतनी ज्यादा टैक्स में छूट मिलेगी. बता दें, 2014 में सत्ता में आने पर मोदी सरकार ने हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था. हालांकि, सरकार अभी इस लक्ष्य से काफी पीछे है. युवाओं को उम्मीद है कि बजट में रोजगार के अवसर खुलने के रास्ते बनेंगे. वहीं, बिजनस शुरू करने के लिए कर्ज देने के नियमों को आसान किया जाएगा.

किसानी को खुश करेगी सरकार?
सरकार को सबसे अधिक चिंता किसानों की होगी. क्योंकि, देश का किसान इस वक्त निराश है. ऐसे में चुनाव के समय किसानों की नाराजगी सरकार को भारी पड़ सकती है. इसके लिए बजट में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. ऐसे में खेती की लागत कम करना, किसानों की इनकम बढ़ाने जैसे ठोस कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि, कर्ज माफी से जुड़ा कोई फैसला आता है या नहीं, किसानों की नजर इस पर रहेगी.

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