Home Breaking News BCCI के खिलाफ PCB के मुआवजे मामले की सुनवाई हुई शुरू, अधिकारी ने कहा- एक पैसा देने का भी सवाल नहीं उठता

BCCI के खिलाफ PCB के मुआवजे मामले की सुनवाई हुई शुरू, अधिकारी ने कहा- एक पैसा देने का भी सवाल नहीं उठता

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क्रिकेट की पिच पर भिड़ने के बमुश्किल एक हफ्ते बाद भारत-पाक प्रतिद्वंद्विता आईसीसी विवाद निवारण समिति में शुरू हुई जो द्विपक्षीय सीरीज समझौते का कथित तौर पर सम्मान नहीं करने के लिए बीसीसीआई के खिलाफ पीसीबी के 7 करोड़ डॉलर के मुआवजे के मामले की सुनवाई कर रही है. सोमवार को सुनवाई का पहला दिन था और यह बुधवार को पूरी होगी.माइकल बेलोफ की अगुआई वाली तीन सदस्यीय समिति ने पहले दिन सुनवाई की. समिति के दो अन्य सदस्य जेन पालसन और डॉ. अनाबेल बेनेट हैं. बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व दुबई की विधि कंपनी हर्बर्ट स्मिथ फ्रीहिल्स और ब्रिटेन के वकील क्यूसी इयान मिल्स कर रहे हैं. बीसीसीआई के भारतीय वकील भी यहां मौजूद हैं.

पीसीबी का तर्क है कि 2014 में बीसीसीआई के तत्कालीन सचिव संजय पटेल ने जिस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, वह बाध्यकारी है. एमओयू के अनुसार दोनों पड़ोसी देशों को 2015 से 2023 के बीच आठ साल में छह सीरीजएं खेलनी थी.

 

इसमें से चार सीरीजओं की मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी. छह दौरों में 14 टेस्ट, 30 वनडे और 12 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच सहित 56 मैच शामिल थे. बीसीसीआई का हालांकि कहना है कि यह अनुबंध उसके लिए बाध्यकारी नहीं है क्योंकि पीसीबी ने बीसीसीआई के ‘बिग थ्री’ राजस्व वितरण माडल का समर्थन नहीं किया जहां भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को मुनाफे का अधिक हिस्सा मिलना था.

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”पीसीबी को एक पैसा देने का भी सवाल नहीं उठता. वे अपने वादे से पीछे हट गए. यह करार हमारे राजस्व मॉडल को उनके समर्थन पर आधारित था.”

पीसीबी के कई अधिकारियों का मानना है कि बीसीसीआई ने सरकार को मनाने का पर्याप्त इरादा नहीं दिखाया जिसके कारण 2007 से दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज नहीं हुई. मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच स्थिति काफी संवेदनशील है.

अब आपसी सहमति से नहीं सुलझ सकता बीसीसीआई से मुआवजा विवाद : एहसान मनि
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अध्यक्ष एहसान मनी

पीसीबी अध्यक्ष एहसान मनी ने हाल में एशिया कप के दौरान संवाददाताओं से कहा था कि स्थिति सौहार्दपूर्ण समझौते से आगे निकल गई है.

447 करोड़ रुपए के मुआवजे का दावा
पीसीबी ने बीसीसीआई के खिलाफ दोनों देशों के बीच हुए करार (एमओयू) का सम्मान नहीं करने के आरोप में 447 करोड़ रुपए के मुआवजे का दावा किया है. उसका कहना है कि भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड ने 2015 से 2023 तक छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने का करार किया था. आईसीसी विवाद निवारण समिति इस मामले की एक से तीन अक्टूबर तक दुबई में सुनवाई कर रही है.

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