Home Breaking News ईपीएफ में 12 फीसदी सरकारी योगदान, 2022 तक हर गरीब को घर, किसानी ऋण के लिए 11 लाख करोड़, 70 लाख नौकरियां

ईपीएफ में 12 फीसदी सरकारी योगदान, 2022 तक हर गरीब को घर, किसानी ऋण के लिए 11 लाख करोड़, 70 लाख नौकरियां

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नई दिल्ली।  नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी योगदान देगी। सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाना चाहती है. इसके लिए 70 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि अर्थव्यवस्था पटरी पर है और भारत जल्द ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से टैक्स देनदारों की संख्या बढ़ी है़। कैश का चलन कम हुआ है। उन्होंने देश को भरोसा दिलाया कि खेती की नीति के तहत साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करनी है।
सीमा पर सड़के बनाने पर जोर दिया जाएगा। धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए हेरिटेज सिटी योजना बनाई गई है. स्मार्ट सिटी के लिए 99 शहर चुने गए हैं। 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा। डिजिटल माध्यम से शिक्षकों को नई ट्रेनिंग दी जाएगी. हर जिले में स्किल केंद्र खोले जाएंगे।
नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी योगदान देगी. सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाना चाहती है। इसके लिए 70 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे। व्यापार शुरू करने के लिए मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा. छोटे उद्योगों के लिए 3794 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाना चाहती है।
करोड़ गरीब घरों में बिजली कनेक्श्न दिए जाएंगे। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के  तहत 1 परिवार को सालाना 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। 10 करोड़ गरीब परिवारों को  इसका फायदा होगा और मेडिकल खर्च मिलेगा. हेल्थ वेलनेस केंद्र बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। 50 करोड़ लोगों को हेल्थ बीमा मिलेगा। देश की 40 फीसदी आबादी को हेल्थ बीमा मिलेगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे. 5 लाख स्वास्थ्य सेंटर खोले जाएंगे। टीबी मरीज को हर महीने 500 रुपये की मदद दी जाएगी।

8 करोड़ गरीब महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। शिक्षा को लेकर सरकार बड़ा काम करेगी। बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना बड़ा लक्ष्य होगा। प्री-नर्सरी से 12वीं तक पढ़ाई के लिए एक नीति होगी। अब तक प्राथमिक, मध्य, उच्च के लिए अलग-अलग नीति होती है। आदिवासियों के लिए बड़ा एलान किया गया है और इनके लिए एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को रोकने के लिए स्कीम, पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्कीम लाई जाएगी। अब तक 6 करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं और 2 करोड़ शौचालय और बनाए जाएंगे।
2022 तक हर गरीब को घर दिए जाएंगे।  पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को घर दिए जाएंगे।  खेती के कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे. किसान का कर्ज लेना आसान हुआ है।  42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे. किसान पशुपालक कार्ड किसानों को भी मिलेगा। 1290 करोड़ रुपये की मदद से बांस मिशन चलाया जाएगा. आलू, टमाटर प्याज के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बांस को वन क्षेत्र से अलग किया. 2 नए फंड पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाने का प्रस्ताव किया है।

सरकार ने पासपोर्ट नियम आसान किए है और अब 2-3 दिनों में पासपोर्ट मिल रहा है। नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाया जा रहा है. 2 हजार करोड़ की लागत से कृषि बाजार बनाया जाएगा। अनाज का उत्पादन बढ़कर 217.5 टन हो गया है और किसान, गरीबों की आय बढ़ी है. फलों का उत्पादन 30 टन हुआ है. खरीफ का समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना हुआ है. किसानों को पूरा एमएसपी देने की कोशिश है। खेती की नीति के तहत साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करनी है. बिचौलिए पर लगाम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। हमारी सरकार ने स्टेंट की कीमत कम की है। देश में किसानों के  फोकस गांवों के विकास पर होगा. लोगों के जीवन में सरकारी दखल कम हो रहा है।

हमारा फोकस गांवों के विकास पर होगा. लोगों के जीवन में सरकारी दखल कम हो रहा है। देश के आम नागरिक के जीवन को आसान बनाया जा रहा है. वहीं विदेशी निवेश में भी बढ़ोत्तरी हुई है। अर्थव्यवस्था पटरी पर है. भारत जल्द दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। जीएसटी के बाद टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है।  जीएसटी के बाद टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, जीएसटी को आसान बनाने की कोशिश जारी है। बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है।

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