Home Breaking News INDvsENG: नॉटिंघम टेस्ट में जीत सकता है भारत, लेकिन…

INDvsENG: नॉटिंघम टेस्ट में जीत सकता है भारत, लेकिन…

0
1
74

विराट कोहली ने नॉटिंघम टेस्ट में इंग्लैंड को जीत के लिए 521 रनों का लक्ष्य दिया है. इसके जवाब में इंग्लैंड ने 9 ओवर में 23 रन बिना कोई विकेट खोए बना भी लिए है.  अभी मैच में दो दिन का खेल बाकी है और इंग्लैंड को जीत के लिए 498 रन और बनाने हैं. इस मैच में भारत का पलड़ा अभी भारी है इसमें कोई शक नहीं लेकिन अब पिच का मिजाज कुछ अलग है. टीम  इंडिया के कप्तान ने इंग्लैंड को बड़ा लक्ष्य जरूर दिया है लेकिन दो दिन का खेल बाकी हो तो यह नामुमकिन लक्ष्य कतई नहीं.  मैच में अभी टीम इंडिया फ्रंट फुट पर जरूर लग रही हो. लेकिन अब समीकरण इतने सीधे होने वाले नहीं हैं.

दरअसल इस सीरीज में इंग्लैंड नहीं मौसम हावी रहा है. पहला मैच कांटे की टक्कर था. अगर टीम इंडिया की बल्लेबाजी इतनी नाकाम न होती तो इंग्लैड का बर्मिंघम में हारना तय था. लेकिन दूसरे टेस्ट में मौसम के साथ किस्मत ने भी इंग्लैंड का बखूबी साथ दिया जिससे इंग्लैंड भारत से यह मैच एक पारी और 159 रनों से जीतने में कामयाब रह सकी. क्योंकि जब भारत की बल्लेबाजी थी तब  बारिश हुई और जब इंग्लैंड की बल्लेबाजी हुई तब मौसम ने भारतीय गेंदबाजों का साथ नहीं दिया उसके बाद बाकी काम दबाव ने किया.

इस मैच में भारत को मिला मौसम का साथ
इस मैच में कुछ उल्टा हुआ. पहले दिन बल्लेबाजी के लिए मुफीद रही पिच पर दूसरे दिन बारिश ने गेंदबाजों का साथ दिया जिससे टीम इंडिया इंग्लैंड को 161 रनों पर समेट कर 168 रनों की अहम बढ़त मिली. उसके बाद गेंदबाजों को पिच से मदद नहीं मिली तो भारत इंग्लैंड को 521 रनों का लक्ष्य देने में कामयाब रही. अब देखना है कि इंग्लैंड टीम यह दबाव कितना झेल पाती है. बेशक अभी टीम इंडिया का पलड़ा भारी है लेकिन अगर गेंदबाजों को पिच से मदद नहीं मिली तो इंग्लैंड मैच जीतने का सपना देखना शुरू भी कर सकती है. वैसे भी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मैच पांचवे दिन तक गया तो परिणाम कुछ और (भारत की जीत से हटकर) भी हो सकता है.

टीम इंडिया के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है. यह पूरी सीरीज में पहली बार होगा की तीसरे दिन के बाद भारतीय बल्लेबाज दबावमुक्त होंगे. क्योंकि अब मैच में उनकी भूमिका नहीं हैं. हां लेकिन अब वे बतौर फील्डर या गेंदबाज मैच में जरूर होंगे. लेकिन अब परीक्षा भारतीय गेंदबाजों के मनोबल की जरूर होगी. खासकर यदि पहले सत्र में टीम इंडिया को विकेट नहीं मिले तो. उन्हें यह याद रखना होगा कि मैच पलटने में देर नहीं लगेगी अगर विकेट गिरने शुरू हो जाते हैं तो.

इंग्लैंड के नजिरए से 
इंग्लैंड के बल्लेबाज कम से कम मैच बचाने के लिए तो बल्लेबाजी करने से रहे, इतना तय है क्योंकि समय बहुत है. इतना ज्यादा है कि यह भारतीय गेंदबाजों के लिए भी काफी है. यह बात जो रूट भी अच्छे से समझ रहे होंगे. रूट की जरूरत पहले या दूसरे विकेट कि साझेदारी लंबी हो, यही होगी. रूट चाहेंगे कि उनके बल्लेबाज रन ही नहीं बनाए, बल्कि क्रीज पर लंबा समय भी गुजारें जिससे भारतीय गेंदबाज दबाव में आ सकें. रूट दुआ करेंगे कि अब टेंट ब्रिज में जरा भी बारिश न हो जिससे भारतीय गेंदबाजों को जरा भी फायदा न हो.

और बारिश हो गई तो
इस मैच में बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया या सकता. दो दिन में के कुछ घंटों की बारिश का फायदा सिर्फ भारत को मिलेगा. इंग्लैंड को फायदा मिले इसके लिए पूरे एक दिन बारिश हो यह उसके लिए ज्यादा फायदेमंद होगा. अगर पांचवे दिन ऐसी बारिश हो तो इंग्लैंड मैच बचाने का जश्न भी शायद मना सके. लेकिन ऐसा होने के लिए इंग्लैंड को अपने विकेट बचाने ही होंगे जो कि आसान नहीं होगा.

लेकिन रिकॉर्ड तो भारत के ही पक्ष में हैं
इंग्लैंड में अभी तक कोई भी टीम 284 रनों से ज्यादा का पीछा करते हुए नहीं जीत सकी है.  इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड ने ही 2004 में 284 रनों बनाते हुए लक्ष्य का पीछा कर जीत हासिल की थी. वहीं टीम इंडिया इंग्लैंड में कभी भी 300 से ज्यादा रनों को लक्ष्य देकर हारी नहीं हैं. लक्ष्य देकर हारने में उसका सर्वाधिक स्कोर इंग्लैंड 293 ही है. यह स्कोर टीम इंडिया ने साल 1952 में लीड्स में बनाया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.