Home Breaking News राहुल से मुलाकात के बाद बोले नायडू, लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी पार्टियों को आना होगा साथ

राहुल से मुलाकात के बाद बोले नायडू, लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी पार्टियों को आना होगा साथ

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अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ‘महागठबंधन’ बनाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगतार चर्चा जारी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि नायडू आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात कर सकते हैं. नायडू ने आज शरद पवार और फारुख अब्दुल्ला से भी मुलाकात की.

इसके मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाना होगा. लोकतंत्र को बचाने के लिए हम एकसाथ काम करेंगे. हमें इस देश के लोकतंंत्र और भविष्य को बचाने के लिए साथ आना ही होगा. पहले क्या हुआ मायने नहीं रखता, हम भविष्य के लिए साथ हैं.

नायडू ने कहा कि इस देश को बचाने के लिए सभी पार्टियों को मिलजुल कर काम करना होगा. हमें अतीत को भूलकर लोकतंत्र बताने के लिए एकसाथ आना होगा.

माना जा रहा है कि शरद यादव और चंद्रबाबू नायडू की बैठक के बाद दोनों नेताओं ने तय किया है कि वे विपक्षी दलों को नए सिरे से एक मंच पर लाने की कोशिश करेंगे. इसके लिए दोनों नेता बारी-बारी से विभिन्न पार्टी के नेताओं से मुलाकात करेंगे.

मायावती से मुलाकात कर चुके हैं चंद्रबाबू
महागठबंधन की संभावनाओं को तलाशने के इरादे से ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी नेता एन चन्द्रबाबू नायडू ने बीएसपी प्रमुख मायावती से मुलाकात की. बीएसपी के एक नेता ने बताया कि नायडू ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री से शनिवार शाम को मुलाकात की. इस दौरान नायडू के साथ आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री वाइ्र रामकृष्णुडु और उनकी पार्टी के कुछ सांसद भी मौजूद थे.

इस साल मार्च तक तेलुगु देशम पार्टी एनडीए का हिस्सा थी. टीडीपी केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन से यह आरोप लगाते हुए अलग हो गयी थी कि सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिये जाने की मांग को खारिज कर दिया. हालांकि दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक चली मुलाकात में क्या बातचीत हुई इसका पता तत्काल नहीं लग सका है.

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के खिलाफ मायावती के रूख को बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने के खिलाफ एक झटका के रूप में देखा जा रहा है. दूसरी ओर जन सेना नेता पवन कल्याण ने भी हाल ही में मायावती से मिलने की कोशिश की थी.

कांग्रेस-बीएसपी में टकराव है महागठबंधन में रोड़ा
राजनीति के जानकार मानते हैं कि महागठबंधन को सफल बनाने के लिए बहुजन समाज पार्टी का इसमें होना जरूरी है. पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और बीएसपी के बीच जिस तरह के रिश्ते सामने आए हैं, उससे महागठबंधन की संभावनाएं आधी-अधूरी लग रही हैं. छत्तीसगढ़ में जहां बीएसपी ने कांग्रेस से अलग हुए अजित जोगी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है, वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बीएसपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो पाया है.

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