Home Breaking News नगेशिया किसान और कोरवा समाज के बगावती रवैये ने BJP की बढ़ाई मुश्किलें

नगेशिया किसान और कोरवा समाज के बगावती रवैये ने BJP की बढ़ाई मुश्किलें

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में इस बार बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. बीजेपी के लिए वोट बैंक माने जाने वाले नगेशिया किसान समाज और कोरवा समाज के लोग अपनी उपेक्षा से नाराज होकर बगावत पर उतर आए हैं. दोनों समाज ने मिलकर बगीचा के बगडोल में सामाजिक पंचायत कर जशपुर की तीनों विधानसभा सीटों पर अपने समाज के निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा करने का फैसला किया है. इतना ही नहीं बीजेपी के राजनेताओं समेत बीजेपी सरकार पर उन्होंने जमकर भड़ास भी निकाली है.

दरअसल, नगेसिया और किसान को लेकर जाति प्रमाण पत्र बनवाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं कोरवा समाज में भी पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा के अलग-अलग मापदंड हैं. इस कारण शासन की कई योजनाओं से ये वंचित हो जाते हैं. इन्हीं सब समस्याओं के निदान के लिए कई बार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जनजातीय आयोग तक के वे चक्कर लगा चुके हैं. फिर भी आज तक कोई रास्ता नहीं निकाला जा सका. इसी से दोनों समाज के लोग खासे नाराज हैं.

बता दें कि जशपुर के राजनीतिक समीकरण की सियासी धुरी मानें जाने वाले नगेशिया किसान और कोरवा समाज के लोग आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी उपेक्षित हैं. इनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है. गौरतलब है कि जिले में करीब 40 हजार नगेशिया किसान हैं, वहीं 25 हजार की संख्या कोरवा समाज के लोग हैं जिसे बीजेपी हमेशा अपनी परंपरागत वोट बैंक मानकर चलती है. अब दोनों समाज के लोगों ने अपनी उपेक्षा से नाराज होकर सियासत का डंका बजा दिया है.

राजनीतिक रूप से उपेक्षित इस समाज ने हमेशा सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है. बावजूद इसके सत्ता में इस समाज को भागीदारी से अब तक दूर ही रखी गई है. इस कारण अब नगेशिया किसान और कोरवा समाज एकजुट हो गए हैं. साथ ही अपने स्वतंत्र अस्तित्व की मांग कर रहे हैं.

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