Home Breaking News पत्थलगांव की दीपिका और विष्णु ने पीएससी की परीक्षा में लहराया परचम

पत्थलगांव की दीपिका और विष्णु ने पीएससी की परीक्षा में लहराया परचम

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जशपुरनगर :  पीएससी परीक्षा 2016 के घोषित परिणाम घोषित किए गए। इसमें ग्राम बटुराबहार और कोतबा के दो लोगों ने सफलता हासिल की। दोनों कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर डा प्रियंका शुक्ला से मुलाकात की। उन्होंने दोनों को शुभकामनाएं और उपहार दिया ।
पीएससी परीक्षा 2016 के हाल ही में घोषित परिणाम में जशपुर जिले के पत्थलगांव तहसील के ग्राम बटुराबहार की दीपिका नेताम और कोतबा के विष्णु गुप्ता ने सफलता हासिल की है। दीपिका ने डिप्टी कलेक्टर का पद और विष्णु गुप्ता ने सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख का पद प्राप्त किया है। विष्णु और दीपिका ने कलेक्ट्रेट आकर कलेक्टर डॉ.प्रियंका शुक्ला से मुलाकात की। कलेक्टर डॉ. शुक्ला ने उन्हें बधाई दी और उनकी उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए दोनों को अपनी तरफ से उपहार भी दिए।
विष्णु और दीपिका ने कहा कि तैयारी के दौरान वे यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत 20 जून 2016 को मॉडल स्कूल में हो रहे सच होंगे सपने कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में दिल्ली से आई शुभ्रा रंजन ने यूपीएससी प्रतियोगिता में सफल होने के गुर बताए। जिसे आत्मसात कर विष्णु और दीपिका ने पूरे आत्म विश्वास के साथ तैयारी जारी रखी और सफलता हासिल की।
पत्थलगांव तहसील के बटुराबहार की दीपिका नेताम ने पीएससी की परीक्षा पहली बार में 178 रैंक हासिल की। डिप्टी कलेक्टर के पद पर अपना स्थान बनाया है। दीपिका के परिवार में कुल 3 सदस्य हैं। उसके पिता शिक्षक हैं।
दीपिका ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे पिता और चाचा का मार्गदर्शन हैै। दीपिका को डिप्टी कलेक्टर का पद मिला है। वर्तमान में वह अम्बिकापुर में पटवारी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं थी।
परीक्षाओं का दौर कब से शुरू हुआ?
पहली बार छत्तीसगढ़ पीएससी 2010 का फार्म भरा। प्री का परीक्षा देने के बाद घर की स्थिति खराब होने के कारण उसने मेन्स की परीक्षा नहीं दे पाईं। लेकिन प्रशासनिक सेवा में चयनित होना उसका एक ऐसा सपना था। जिसे उसने कभी भी अपनी आंखों से औझल होने नहीं दिया।
कुछ दिनों बाद कोचिंग के लिए बाहर चली गई। उन्होंने छत्तीसगढ़ पीएससी 2016 का फार्म भरा और फरवरी 2017 में प्रीलिम्स तथा मई 2017 में मेंस की परीक्षा दिल्ली आईएस एकेडमी में कोचिंग लेकर दी। अंतिम सूची में चयनित होने में सफल हुई।
ग्रेजुएशन के साथ ही तैयारी शुरू कर दी थी। घर वालों ने भी उन पर हमेशा विश्वास किया। परिवार वालों को देखकर हमेशा प्रेरणा और हौसला मिलता था। उसे हमेशा उसके चाचा और पिता पढ़ाई के लिए उत्साहित करते थे। उसने कोचिंग के माध्यम से अपने आप को पूरी तरह तैयार कर सेल्फ स्टडी करना प्रारंभ कर दिया। वह 8-10 घंटे पढ़ती थी।
मेरा इंटरव्यू ओवरऑल अच्छा गया था। किसी बड़ी परीक्षा के लिए यह मेरा पहला ही इंटरव्यू था। इंटरव्यू में उसको पता चला कि कभी भी संकोच नहीं करना चाहिए। अपने पर आत्मविश्वास होना चाहिए। दीपिका ने कहा कि उसे इंटरव्यू के लिए रोजगार अधिकारी के पद में कार्यरत ललित पटेल ने बहुत सपोर्ट प्रदान किया है।
दीपिका ने कहा कि उसने कक्षा 10 वीं में 84 प्रतिशत अंक, कक्षा 12वीं में 88 प्रतिशत तथा बीई में 76 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। ग्रेजुएशन के बाद उसने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। अपने सपनों को पूरा करने के लिए खूब मेहनत के साथ पढ़ाई की।
अपने परिवार की वजह से ही उसे यह सफलता मिली है। उसके पापा उसके मार्गदर्शक हैं, जबकि मम्मी ने हमेशा उसका ध्यान रखा। अन्य लोगों ने भी हर फैसले में उसका साथ दिया। हर कदम पर मार्गदर्शन देने और पढ़ाई के बेस को मजबूत करने में पिताजी और चाचाजी का सबसे अधिक योगदान है। उन्होंने अपने सफलता के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
विष्णु भू-अभिलेख शाखा सहायक अधीक्षक
पत्थलगांव तहसील के ग्राम कोतबा के रहने वाले विष्णु गुप्ता ने पीएससी की परीक्षा पहली बार में ही 108 वां रैंक प्राप्त किया। उसको सहायक अधीक्षक भू अभिलेख का पद मिला। विष्णु के परिवार में कुल 6 सदस्य हैं जो कि एक छोटे से होटल पर जीविकोपार्जन के लिए आश्रित हैं। विष्णु ने अपनी सफलता के लिए मां का आशीर्वाद और पिता का मार्गदर्शन और स्व. जयनाथ सिंह के सपोर्ट को श्रेय दिया। वर्तमान में वह पटवारी की परीक्षा में भी सफलता हासिल कर पटवारी का प्रशिक्षण अम्बिकापुर में प्राप्त कर रहे थे।
पहली बार छत्तीसगढ़ पीएससी 2016 का फार्म भरा और फरवरी 2017 में प्रीलिम्स तथा मई 2017 में मेंस की परीक्षा दी और फाइनल सेलेक्शन हुआ।
ग्रेजुएशन के साथ ही तैयारी शुरू कर दी थी। ठान लिया था कि प्रशासनिक अधिकारी बनना है। उसने कहा कि वह 6-7 घंटे पढ़ता था। इस बीच थोड़ी थकान होती थी, तो अखबार और टीवी पर न्यूूज देखकर रिलैक्स होता था। उन्होंने अपने नोट्स संबंधित विषयों की किताबों की मदद से खुद बनाए।
उसका इंटरव्यू अच्छा गया। किसी बड़ी परीक्षा के लिए यह उसका पहला ही इंटरव्यू था। इंटरव्यू के लिए विषयों की तैयारी तो रहनी ही चाहिए। उसके तहत फैक्ट्स को याद रखने पर खास बल दें। इसके अलावा अपने व्यक्तित्व पर विशेष रूप से ध्यान दें, क्योंकि आपका हाव-भाव इंटरव्यू को प्रभावित करता है। आपको जो पता है, उसके बारे में सही-सही जानकारी दें।
विष्णु ने कहा कि वह 8वीं से 12 कक्षा की पढ़ाई जशपुर के मॉडल स्कूल में किया। उसके बाद उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई लैलूंगा स्थित संत गहिरा गुरु महाविद्यालय में बीएससी गणित से उत्र्तीण किया। इसके बाद उन्हें सच होंगे सपने कार्यक्रम के दौरान यह पता चला की पीएससी की तैयारी के लिए पैसों की आवश्यकता पड़े ये जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें वहां एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली जो की रिक्शा चलाता है। रिक्शा चलाने के साथ ही पीएससी की तैयारी कर सफलता हासिल की। तब उसे अहसास हुआ कि पैसों की आवश्यकता पढ़ाई करने के लिए नहीं होती है। केवल लक्ष्य के साथ मानसिकता बना कर कार्य करते जाने से सफलता हासिल होती है।
विष्णु अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हैं। उसके पापा उसके े मार्गदर्शक रहे हैं, जबकि मम्मी ने हमेशा उसका ध्यान रखा। अन्य लोगों ने भी उसके हर फैसले में उसका साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनके हर कदम पर मार्गदर्शन देने और पढ़ाई के बेस को मजबूत करने में रामानुजगंज में बीईओ के पद पर कार्यरत रहे स्व. जयनाथ सिंह ने उन्हें हर क्षेत्र में काफी मदद की है। उन्होंने अपनी सफलता के लिए उनका आभार व्यक्त किया

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