Home Breaking News किसानों की पिटाई से शुरू हुआ BJP का गांधी जयंती समारोह: राहुल गांधी

किसानों की पिटाई से शुरू हुआ BJP का गांधी जयंती समारोह: राहुल गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘किसान क्रांति यात्रा’ को रोकने के लिए किसानों पर कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने को लेकर मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘किसानों की बर्बर पिटाई’ से भाजपा ने अपने गांधी जयंती समारोह की शुरुआत की है. गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘विश्व अहिंसा दिवस पर BJP का दो-वर्षीय गांधी जयंती समारोह शांतिपूर्वक दिल्ली आ रहे किसानों की बर्बर पिटाई से शुरू हुआ.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब किसान देश की राजधानी आकर अपना दर्द भी नहीं सुना सकते!’’ ऋण माफी और ईंधन के दामों कटौती सहित अपनी कई दूसरी मांगों को लेकर दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों को दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर मंगलवार को रोक दिया गया. पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े.

इसके साथ ही हरिद्वार से दिल्ली के लिए निकली किसान क्रांति यात्रा को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सीमा पर कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘दिल्ली सल्तनत के बादशाह’ की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया और सवाल पूछा कि जब चंद उद्योगपतियों के ‘चार लाख करोड़ रुपये माफ किए जा सकते हैं तो देश के अन्नदाताओं के कर्ज माफ क्यों नहीं हो सकते.’’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी जी, सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर आपके द्वार आए. अगर महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात किया होता तो किसानों को बर्बरतापूर्वक लाठियां नहीं, उनकी मांगों की सौगात दी होती. वह समय दूर नहीं जब पूरा देश ‘किसान विरोधी-नरेंद्र मोदी’ के नारों से गूंजेगा.’’

kisan agitation
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्‍यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार पर निशाना साधा है.

उन्होंने कहा, ‘‘क्या भारत के किसान दिल्ली आकर अपनी पीड़ा नहीं बता सकते? क्या किसान प्रधानमंत्री से यह नहीं पूछ सकते कि एमएसपी पर आपका वादा जुमला क्यों साबित हो गया?’’ सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री जी, आप एक तानाशाह और दिल्ली सल्तनत के बादशाह की तरह व्यवहार कर रहे हैं. जो बादशाह किसानों की पीड़ा नहीं सुन सकता, उसे पद पर एक दिन भी बने रहने का अधिकार नहीं है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मोदी सरकार चार साल में 3.16 लाख करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाल सकती है तो फिर देश के 62 करोड़ लोगों का दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ क्यों नहीं कर सकती?

किसान क्रांति यात्रा
इस बीच हरिद्वार से शुरू हुई किसान क्रांति पदयात्रा के दौरान किसानों ने गाजियाबाद के दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर पर दिल्‍ली में घुसने का प्रयास किया. उसके बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह से किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्‍ली में मुलाकात की. बैठक के बाद केंद्रीय कृषि राज्‍य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि सरकार किसानों की अधिकांश मांगें मानने को तैयार है. अब केंद्रीय मंत्री शेखावत और सुरेश राणा किसानों से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पर जाएंगे. बता दें कि किसानों की मांगों की सूची में बिना शर्त ऋण माफी, गन्ना मिलों का बकाया भुगतान करना, फसलों का अधिकतम मूल्य दिया जाना, खेतों के लिए मुफ्त बिजली और डीजल के दामों में कटौती शामिल है.

 

किसानों के साथ बॉर्डर पर बैठे भाकियू के नेता राकेश टिकैत के पास गृह मंत्री राजनाथ सिंह का फोन भी आया था. इस दौरान उन्‍होंने राजनाथ सिंह से कहा कि हम लोग यहीं बैठे हैं, आगे नहीं बढ़ेंगे.

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