Home Breaking News मोबाइल में पिता से पहले बात की, फिर झूल गई मौत के झूले पर

मोबाइल में पिता से पहले बात की, फिर झूल गई मौत के झूले पर

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अंबिकापुर: नगर के पटपरिया स्थित आशा निकुंज छात्रावास में कॉलेज की छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में पुलिस की जांच में अब तक ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया है, जो खुदकुशी की वजह बन सके।

घटना से लगभग एक घंटे पहले मृतका ने मोबाइल से अपने पिता से बात भी की थी। उसके बाद अचानक उसने यह कदम क्यों उठाया यह समझ से परे है। रविवार को कार्यपालिक दंडाधिकारी व परिजनों की उपस्थिति में पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कराई। पोस्टमार्टम पश्चात शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मूलतः मध्यप्रदेश के ग्राम ममरा झींक बिजुरी निवासी कल्याणी अहिरवार पिता ज्ञानचंद अहिरवार 17 वर्ष ने पटपरिया में होलीक्रास प्रबंधन द्वारा संचालित आशा निकुंज छात्रावास में शनिवार की दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका होलीक्रास महिला महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

घटना की खबर पर शनिवार को गांधीनगर थाना प्रभारी इमानुएल लकड़ा के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल की प्रारंभिक जांच के बाद कमरे को सील कर दिया था। रविवार सुबह मृतका के परिजनों की उपस्थिति में सील बंद कमरे को खोला गया।

तहसीलदार रमेश मोर, फारेंसिक एक्सपर्ट कुलदीप कुजूर, गांधीनगर थाना प्रभारी इमानुएल लकड़ा ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस दौरान परिजनों ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए।

घटना से पहले छात्रा के कॉलेज व परीक्षा फार्म भरने के नाम पर बाहर जाने के संबंध में भी सही जानकारी नहीं मिल पाने का आरोप लगाया गया। परिजनों के आरोप को देखते हुए गांधीनगर पुलिस ने प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी।

रविवार देर शाम छात्रावास प्रबंधन द्वारा पिछले 10 दिनों का सीसीटीवी फुटेज गांधीनगर थाने को उपलब्ध करा दिया गया है। थाना प्रभारी इमानुएल लकड़ा ने बताया कि अभी सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की जा सकी है।

परिजनों के आरोप को देखते हुए छात्रावास में मृतका की गतिविधियों की जांच फुटेज के माध्यम से की जाएगी। छात्रावास से मृतका के आने जाने के समय को भी देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक की जांच में ऐसी कोई ठोस वजह सामने नहीं आ सकी है, जो आत्महत्या की वजह बन सके।

दूसरे छात्रा के नामांकन से परीक्षा फार्म भरना खुदकुशी की वजह नहीं हो सकती। यदि त्रुटि हुई थी तो ऑनलाइन व्यवस्था में उसे सुधारा भी जा सकता था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

पिता से मंगाई थी 10वीं की अंकसूची

छात्रा ने शनिवार की दोपहर लगभग ढाई से तीन बजे के बीच अपने कमरे में फांसी लगाई थी। इस घटना से एक से डेढ़ घंटे पहले छात्रा ने मोबाइल से अपने पिता से बात की थी। उसने पिता को बताया था कि शनिवार को उसका ऑनलाइन परीक्षा फार्म जमा नहीं हो सका है।

दूसरी छात्रा का नामांकन नंबर भर देने के कारण कुछ त्रुटि हुई है। परीक्षा फार्म भरने के लिए उसे 10वीं की अंकसूची चाहिए। पिता ने वाट्सएप के जरिए मृतका के सहेलियों के नंबर पर 10वीं की अंकसूची की फोटो खींचकर भेज दी थी। उसके बाद क्या हुआ कि छात्रा ने फांसी लगा ली। यह परिजन भी नहीं समझ पा रहे हैं।

शोकमग्न रहीं छात्राएं

शनिवार दोपहर आशा निकुंज छात्रावास में कल्याणी अहिरवार द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने की घटना की खबर लगते ही छात्रावास में रहने वाली दूसरी छात्राएं शोकमग्न थीं। परिजनों के नहीं आने के कारण शव को फांसी के फंदे से नहीं उतारा जा सका था।

सीलबंद कमरे में छात्रा का शव लटका हुआ था, इससे दूसरी छात्राएं सहमी भी रही। रूम नंबर 62 में मृतका के साथ मौसेरी बहन और दो अन्य छात्राएं भी रहती थीं। चूंकि वह प्रथम वर्ष की छात्रा थी, इसलिए सीनियर छात्राओं से ज्यादा मेलजोल भी नहीं था, जिस कारण पुलिस को कुछ ज्यादा जानकारी दूसरी छात्राओं से भी नहीं मिल सकी है।

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