Home Breaking News शाहरुख करते रहे फिल्म की शूटिंग और भारी गहनों से लदीं गौरी कुर्सी पर ही सो गईं, ऐसे गुजरी थी दोनों की शादी की पहली रात, वजह थी एक पॉपुलर एक्ट्रेस

शाहरुख करते रहे फिल्म की शूटिंग और भारी गहनों से लदीं गौरी कुर्सी पर ही सो गईं, ऐसे गुजरी थी दोनों की शादी की पहली रात, वजह थी एक पॉपुलर एक्ट्रेस

0
0
86

शाहरुख खान और गौरी 25 अक्टूबर को अपनी शादी की 27वीं एनिवर्सरी मना रहे हैं। 1991 में इसी दिन दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। इंटरेस्ट्रिंग फैक्ट यह है कि उनकी शादी की पहली रात एक फिल्म के सेट पर कटी थी और इसकी वजह थी हेमा मालिनी। मुश्ताक शेख की किताब ‘कहानी शाहरुख खान की’ में यह किस्सा शामिल किया गया है।

– शाहरुख-गौरी की शादी वाले दिन ही हेमा मालिनी ने उन्हें फोन कर कहा कि वे चाहें तो शूटिंग के लिए आ सकते हैं। शाहरुख यह सोचकर खुश थे कि हेमा मालिनी से मिलना गौरी के लिए सरप्राइजिंग होगा। गौरी भी एक्साइटेड थीं। शाहरुख उस समय हेमा मालिनी के डायरेक्शन और प्रोडक्शन में बन रही फिल्म ‘दिल आशना है’ के लिए काम कर रहे थे।
– शाहरुख गौरी को लेकर स्टूडियो पहुंचे। लेकिन हेमा मालिनी दिखाई नहीं दीं। वहां असिस्टेंट डायरेक्टर्स मौजूद थे, जिन्होंने बताया कि हेमा मालिनी जल्दी ही आ जाएंगी। गौरी के साथ शाहरुख स्टूडियो के एक कमरे में बैठकर हेमा मालिनी का इंतजार करते रहे। रात करीब 11 बजे शाहरुख गौरी को मेकअप रूम में ही छोड़कर शूटिंग के लिए चले गए। करीब दो बजे तक शूटिंग चली, लेकिन हेमा मालिनी अभी भी सेट पर नहीं पहुंची थीं। थक हारकर शाहरुख वापस मेकअप रूम में पहुंचे तो देखा कि भारी साड़ी और गहनों में लदीं गौरी एक लोहे की कुर्सी पर ही सो गई थीं। शाहरुख को बहुत बुरा लगा। लेकिन क्या करते। यह उनके स्ट्रगल का दौर जो था।

आर्यन के जन्म के पहले गौरी को कुछ मिसकैरेज भी हुए

– शाहरुख ने एक इंटरव्यू में बताया था, “मेरे तीन बच्चे हैं और सभी की अलग-अलग कहानी है। इस वजह से सभी स्पेशल हैं। आर्यन के जन्म के पहले गौरी को कुछ मिसकैरेज हुए। जब वह पैदा हुए, तब भी कुछ दिन बड़ी मुश्किल भरे थे। सुहाना का जन्म हमारे लिए एक्साइटिंग था, क्योंकि हम दोनों ही पहले बच्चे के रूप में लड़की चाहते थे। लेकिन वह दूसरे नंबर पर हुई। गौरी चाहती थी कि बच्चे मेरी तरह दिखें। इसलिए डिलिवरी के बाद वह मुझसे पूछती थी कि क्या वह तुम्हारी तरह दिखता/दिखती है। सालों बाद हमें लगा कि तीसरा बच्चा भी होना चाहिए तो हमने अबराम की प्लानिंग की।”

शाहरुख की पहली नजर का प्यार हैं गौरी

– 1984 में दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में शाहरुख खान और गौरी दोनों शामिल हुए थे। उस समय शाहरुख केवल 19 साल के थे, जबकि गौरी की उम्र 14 साल थी। उस पार्टी में शाहरुख ने गौरी को किसी और लड़के के साथ डांस करते देखा और उन्हें उनसे प्यार हो गया। लेकिन उस रोज, शर्मीले शाहरुख गौरी से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। इसके बाद तो जिस पार्टी में भी गौरी के पहुंचने की उम्मीद होती, शाहरुख भी वहां पहुंच जाते। 25 अक्टूबर, 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर लिया। शुरुआत में गौरी को इम्प्रेस करने के लिए शाहरुख गाना भी गाते थे। गोने के बोल थे, “गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा मैं तो गया मारा….”

कोडवर्ड में होती थी बातें

– शाहरुख को गौरी पसंद आ गई थीं। उनसे फोन पर बात करने का तरीका भी शाहरुख ने निकाला। वे अपनी किसी दोस्त से गौरी के घर फोन करवाते। गौरी के घर जो भी फोन उठाता, शाहरुख की दोस्त उसे अपना नाम शाहीन बताती। शाहीन कोडवर्ड था, जिसे सुनकर गौरी समझ जाती कि फोन शाहरुख का है। गौरी के घर किसी को शक भी नहीं होता था और फिर शाहरुख और गौरी देर तक बातें करते। गौरी और शाहरुख की मुलाकात पार्टियों में ही हो पाती थी जहां गौरी की फीमेल फ्रेंड्स भी उनके साथ होती थीं। धीरे-धीरे ये दोनों लॉन्ग ड्राइव पर भी जाने लगे।

कैसे किया था शाहरुख ने प्रपोज?

– मुश्ताक़ शेख़ द्वारा लिखित बायोग्राफी ‘शाहरुख कैन’ में एसआरके ने उन दिनों को याद करते हुए लिखा है, “एक दिन मैंने गौरी को उसके घर छोड़ा। जब वो गाड़ी से उतर रही थी तो मैंने उससे कहा मैं तुमसे शादी करूंगा? इसके बाद बिना उसका जवाब सुने मैं अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला आया।”

पजेसिव शाहरुख से परेशान थीं गौरी

– शाहरुख गौरी को लेकर इतने पजेसिव थे कि उनके बाल खुले रखने पर भी वे उनसे लड़ने लगते थे। एक मैगजीन में छपे अपने लेख में शाहरुख ने कहा था, “उस समय गौरी को लेकर मेरी दीवानगी बेहद बढ़ चुकी थी। अगर वो स्विमसूट पहनती या अपने बाल खुले रखती तो मैं उससे लड़ने लगता था। जब वो अपने बाल खोलती थी तो बेहद खूबसूरत लगती थी। मैं नहीं चाहता था कि दूसरे लड़के उसे देखें। मेरे अंदर असुरक्षा की भावना आ गई थी क्योंकि हम ज्यादा मिल नहीं पाते थे और अपने रिश्ते के बारे में ज्यादा बात भी नहीं कर पाते थे।”
– शाहरुख की इसी आदत से परेशान होकर गौरी उन्हें दिल्ली में छोड़कर बिना बताए मुंबई आ गई थी। शाहरुख गौरी को मनाने वहां तक जा पहुंचे। उन्हें पता नहीं था कि गौरी मुंबई में कहां रह रही हैं, तब भी उन्होंने कई दिनों तक वहां की गलियों की खाक छानी। बहुत ढूंढने के बाद एक दिन शाहरुख ने गौरी को मुंबई के अक्सा बीच पर ढूंढ़ निकाला। शाहरुख को देख गौरी रोने लगी थी।

दो बार हुई शादी

– शाहरुख और गौरी तो अपने प्यार को शादी में बदलने के लिए तैयार थे, मगर दोनों के धर्म अलग होने की वजह से इनके घरवालों को कड़ी आपत्ति थी। आखिर शाहरुख गौरी के परिवार वालों को मनाने में कामयाब हो गए। गौरी के माता-पिता समझ चुके थे कि वे और शाहरुख अब किसी भी तरह उनकी बात नहीं मानेंगे। इसलिए उन्होंने उनकी शादी के लिए हां कह दिया था। 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने कोर्ट में शादी कर ली। शाहरुख और गौरी का निकाह भी हुआ जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। इसके बाद 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक दोनों की शादी हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.