Home Breaking News ‘सुपरमॉम’ मैरीकॉम विश्व महिला बॉक्सिंग के फाइनल में, छठे गोल्ड से एक जीत दूर, लवलीना हारीं

‘सुपरमॉम’ मैरीकॉम विश्व महिला बॉक्सिंग के फाइनल में, छठे गोल्ड से एक जीत दूर, लवलीना हारीं

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स्टार बॉक्सर एमसी मैरीकॉम 10वीं आईबा विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गई हैं. पांच बार की पूर्व विश्व चैंपियन मैरीकॉम ने सेमीफाइनल में उत्तर कोरिया की किम ह्यांग मी को हराया. ​एक अन्य सेमीफाइनल में लवलीना बोरगोहेन को हार का सामना करना पड़ा. दिल्ली में चल रही आईबा चैंपियनशिप में भारत की दो और बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं. इनमें सोनिया (57 किग्रा ) और सिमरनजीत कौर (64 किग्रा) शामिल हैं.

सुपरमॉम के तौर पर मशहूर एमसी मैरीकॉम 35 साल की हैं. वे विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे अधिक छह मेडल जीतने वाली महिला हैं. उनके छह मेडल में पांच गोल्ड मेडल शामिल हैं. वैसे, आयरलैंड की केटी टेलर भी पांच स्वर्ण के साथ छह पदक जीत चुकी हैं. लेकिन अब वे प्रोफेशनल बॉक्सर बन गई हैं. जबकि, मैरीकॉम दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर रिकॉर्ड सातवां मेडल अपने नाम कर चुकी हैं. अब बस यह तय होना है कि वे गोल्ड जीतती हैं, या फिर उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ता है.

अब यूक्रेन की हन्ना से होगा मैरीकॉम का मुकाबला 
मणिपुर की एमसी मैरीकॉम का गुरुवार (22 नवंबर) को 48 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में उत्तर कोरिया की किम ह्यांग से मुकाबला हुआ. मैरीकॉम ने किम ह्यांग को इससे पहले एशियन चैंपियनशिप में हराया था. उन्होंने किम के खिलाफ जीत का सिलसिला कायम रखते हुए गुरुवार का मुकाबला भी अपने नाम कर लिया. मैरीकॉम ने यह मुकाबला 5-0 (29-28, 30-27, 30-27, 30-27, 30-27) से जीता. फाइनल में मैरीकॉम का सामना यूक्रेन की हन्ना ओखोटा से होगा. मैरीकॉम इससे पहले हन्ना को पौलेंड में खेले गए टूर्नामेंट में मात दे चुकी हैं.

लवलीना बोरगोहेन को ब्रॉन्ज मेडल 
असम की लवलीना बोरगोहेन को 69 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा. उन्हें ताइवान की निएन चीन चेन ने 4-0 से हराया. लवलीना ने हालांकि अच्छा मैच खेला और चेन को कड़ी टक्कर दी. पांच में से एक जज ने दोनों बॉक्सरों को बराबर अंक दिए. इस तरह चेन ने 4-0 (27-29, 27-28, 28-28, 29-27, 30-26) से मुकाबला अपने नाम किया. इस हार के कारण लवलीना को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा.

मैंने किम ह्यांग मी को अपने करीब नहीं आने दिया 
मैरीकॉम ने मैच जीतने के बाद कहा, ‘इस खिलाड़ी को मैंने पिछली बार एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में हराया था. इस बार भी मैं पूरी तरह से तैयार होकर आई थी. इसलिए उन्हें एकतरफा मात दी. मैंने उन्हें अपने ज्यादा करीब नहीं आने दिया. हम चाहे जीतें या हारें, हर बॉक्सर हमेशा कुछ न कुछ सीखता है कि उसकी क्या कमजोरी है. उसका डिफेंस कमजोर है या अटैक और इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए वह अपने खेल में सुधार करता है.’

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